विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी समसामयिकी 2 (13-January-2021)
पशु से मानव प्रत्यारोपण
(Animal to Human Transplant)

Posted on January 13th, 2022 | Create PDF File

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हाल ही में डॉक्टरों ने अमेरिका में एक मरीज की जान बचाने के अंतिम प्रयास में उसमें सुअर के दिल का प्रत्यारोपण किया।

 

ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन :

 

ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन (Xenotransplantation) में मानव में अमानवीय (मनुष्य के अलावा किसी अन्य से) ऊतकों या अंगों का प्रत्यारोपण शामिल है।

 

सुअर के दिल का इंसान में यह पहला सफल प्रत्यारोपण है। हालाँकि यह बहुत जल्द पता चल जाएगा कि क्या ऑपरेशन वास्तव में काम करेगा।

 

जीन-एडिटिंग से गुज़रने वाले सुअर के दिल का उपयोग उसकी कोशिकाओं में शुगर को हटाने के लिये किया गया है जो उस अंग अस्वीकरण हेतु उत्तरदायी है।

 

जीनोम एडिटिंग (जिसे जीन एडिटिंग भी कहा जाता है) तकनीकों का एक समूह है जो वैज्ञानिकों को एक जीव के डीऑक्सी-राइबोन्यूक्लिक एसिड (DNA) को बदलने की क्षमता प्रदान करता है।

 

इस तरह के प्रत्यारोपण या ज़ेनोट्रांसप्लांटेशन के पहले के प्रयास विफल रहे हैं। प्रत्यारोपण में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक अंग अस्वीकरण है।

 

इसने मानव प्रत्यारोपण के लिये सूअरों के उपयोग पर एक बहस फिर से छेड़ दी है, जिसका कई पशु अधिकार समूह विरोध करते रहे हैं।

 

महत्त्व :

 

यह विकास हमें वैश्विक स्तर पर अंग की कमी को हल करने के लिये एक कदम और करीब ला सकता है।

 

भारत में मरीजों को वार्षिक रूप से 25,000-30,000 लीवर ट्रांसप्लांट की ज़रूरत होती है। लेकिन केवल 1,500 के बारे में ही उन्हें प्राप्त होता है।

 

अंग प्रत्यारोपण के लिये सूअर तेज़ी से लोकप्रिय होते जा रहे हैं।

 

सुअर के अंग से लाभ प्राप्त किया जाता हैं, क्योंकि उन्हें छह महीने में वयस्क मानव आकार को बढ़ाना और प्राप्त करना आसान होता है।

 

सुअर के हृदय के वाल्व को नियमित रूप से मनुष्यों में प्रत्यारोपित किया जाता है और मधुमेह के कुछ रोगियों को पोर्सिन अग्न्याशय कोशिकाएँ प्रदान की जाती हैं।