पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी समसामियिकी 1 (8-Aug-2020)
ट्रैफिक (TRADE Record Analysis of Flora and Fauna In Commerce- TRAFFIC)

Posted on August 8th, 2020 | Create PDF File

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ट्रैफिक इंडिया (TRAFFIC India ) द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि भारत में 2015-2019 के बीच कुल 747 तेंदुए की मौत हुई है, जिसमें से 596 अवैध वन्यजीव व्यापार और अवैध शिकार के कारण हुई हैं।


2014 में भारत के तेंदुओं पर अंतिम औपचारिक जनगणना आयोजित की गई थी, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि इनकी संख्या 12,000 से 14,000 के बीच है।भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा जल्द ही फिर से भारत में तेंदुओं पर औपचारिक जनगणना के परिणाम जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।तेंदुओं की त्वचा के लिए सबसे अधिक शिकार किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इन्हें इनके पंजे, दांत और हड्डियों जैसे डेरिवेटिव के लिए भी मारा जाता है ; क्योंकि इन उत्पादों की मांग वैश्विक बाजार में काफी अधिक है।

 


देश भर में निवास स्थान के विनाश, मानव-वन्यजीव संघर्ष, सिकुड़ते आवास, अवैध व्यापार आदि ने तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण को नकारात्मक रूप से प्रभवित किया है।सन 2008 में इंटरनेशनल यूनियन ऑफ कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) द्वारा तेंदुओं (common leopards) के संरक्षण की स्थिति को 2015 तक के लिए नियर थ्रेटेन (Near Threatened) से वल्नरेबल (Vulnerable) कर दिया गया था।



ट्रैफिक का पूरा नाम ‘TRADE Record Analysis of Flora and Fauna In Commerce- TRAFFIC’ है।ट्रैफिक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ एवं आईयूसीएन का संयुक्त संरक्षण कार्यक्रम है। जिसकी स्थापना 1976 में आईयूसीएन के प्रजाति उत्तरजीविता आयोग द्वारा की गई थी।ट्रैफिक एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है। जिसका प्रधान कार्यालय कैम्ब्रिज (यूके) में है तथा इसके कार्यालय विश्व के पाँच महाद्वीपो में स्थित है। इसके साथ ही ट्रैफिक के सात क्षेत्रीय कार्यक्रम विश्व के लगभग 25 देशों में चल रहे है।अपनी स्थापना के बाद ट्रैफिक दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव व्यापार निगरानी कार्यक्रम के रूप में उभरा है और वन्यजीव व्यापार के मुद्दों पर एक वैश्विक विशेषज्ञ बन गया है। ट्रैफिक सक्रिय रूप से वन्यजीव व्यापार की निगरानी और जांच करता है और प्रभावी संरक्षण नीतियों तथा उनके कार्यक्रमों के आधार के रूप में दुनिया भर में विभिन्न संस्थाओं को जानकारी प्रदान कराता है। वन्यजीव व्यापार से जुड़ी संरक्षण चुनौतियों की पहचान और पता लगाने की मदद में इसकी एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा है।यह गैर-सरकारी संगठन अपनी गतिविधियाँ विभिन्न राष्ट्रीय सरकारों तथा सीआईटीईएस मुख्यालय के सहयोग से चलाता है। ट्रैफिक संस्था सभी सरकारी एजेंसियों गैर सरकारी संगठनों और अन्य सामान विचारधारा वाले व्यक्तियों और संगठनों के साथ मिलकर काम करने के लिये प्रतिबद्ध है ताकि अवैध वन्यजीव व्यापार द्वारा हमारे प्राकृतिक खजाने के लिए बढ़ते खतरों को रोका जा सके।भारत में ट्रैफिक विभिन्न अनुसंधानों द्वारा वांछित विश्लेषण सहायता तथा प्रेरणा उपलब्ध कराता है ताकि वन्यजीव व्यापार भारत के प्रकृति के संरक्षण हेतु खतरा न बन जाये। ट्रैफिक (TRAFFIC), की भारत में शाखा ‘ट्रैफिक इंडिया’ के नाम से है , जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।